क्योंकि मैं रिस्क नहीं लेता
कभी भी शराब पीते हुए रिस्क नहीं लेता। . . . . मैं ऑफिस से शाम को घर पे आया तो बीवी खाना बना रही थी। हाँ, मुझे रसोई से बर्तनों की आवाज़ आ रही है। मैं छुपके से घर में घुस गया काले रंग की अलमारी में से ये मैंने बोतल निकाली शिवाजी महाराज फ़ोटो फ्रेम में से मुझे देख रहे हैं पर अब भी किसी को कुछ पता नहीं लगा क्योंकि मैं कभी रिस्क नहीं लेता। . . . . . . . मैंने पुरानी सिंक के ऊपर वाली रैक से गिलास निकाला और फटाक से एक पेग गटक लिया। गिलास धोया, और उसे फिर से रैक पे रख दिया। बेशक मैंने बोतल भी अलमारी में वापस रख दी शिवाजी महाराज मुस्कुरा रहे हैं . . . . . मैंने रसोई में झांका बीवी आलू काट रही है। किसी को कुछ पता नहीं चला के मैंने अभी अभी क्या किया क्योंकि मैं कभी रिस्क नहीं लेता। . . . . . मैं बीवी से पूछा: चोपड़ा की बेटी की शादी का कुछ हुआ ? बीवी : नहीं जी, बड़ी ख़राब किस्मत है बेचारी की। अभी लड़का देख ही रहे हैं वो लोग उसके लिए। . . . . . मैं फिर से बाहर आया, काली अलमारी की हलकी सी आवाज़ हुई पर बोतल निकालते हुए मैंने बिल्कुल आवाज़ नहीं की सिंक के ऊपर वाली पुरानी रैक से मैंने गिलास निकाला ...
Comments
Post a Comment