badrinath ke wo sant
यह घटना मैंने एक या दो लोगों को ही बताई है। सामान्यतः आध्यात्मिक मार्ग में चमत्कारों को तव्वजो नहीं देनी चाहियें परन्तु फिर भी आध्यात्मिक मार्ग में अलौकिक घटनाएं घटती हीं हैं। मैं और मेरे मित्र भागवत जी सुनने के लिये लगभग 9 दिन बद्रीनाथ धाम में रहे। तो एक दिन दोपहर को खाली समय में हम धाम के बायीं तरफ नीचे जाते समय जो शिव जी का मंदिर है, वहां दर्शन को बैठे और जप किया। दर्शन के बाद बाहर दरवाजे के बायीं और बैठे पंडित जी को देने हेतु मैंने एकमात्र 50 का नोट बाहर निकाला और दिया। परन्तु पंडित जी ने फटा टेप लगा नोट बताकर वापिस कर दिया और बोले हमनें आगे जमा करने होते हैं, फिर वो आपत्ति करते हैं। By chance मेरे पास उस समय वही एक नोट जेब में शेष था। तभी एक अत्यन्त वयोवृद्ध लगभग 80 वर्ष से ऊपर के सफेद उज्ज्वल लंबी दाढ़ी झुर्रियों वाले कपूर के समान साधु जो दरवाजे के दायीं तरफ बैठे थे और ऊपरोक्त बातचीत देख सुन रहे थे, उन्होंने बिना बोले इशारे से अपनी हाथ आगे बढ़ाया और पचास का नोट देने का इशारा किया। मैंने भी वो पुराना नोट उनके हाथ में दे दिया, उन्हीने हाथों हाथ पलक झपकते ही नया करारा कडकडाता हुआ 50 क...