अधूरे ज्ञान का नुकसान kahani
अधूरा ज्ञान किस हद तक विनाश कर सकता है? पुराने समय में एक व्यक्ति अपने गांव के लोगों के छोटे-छोटे काम करके किसी तरह खाने व्यवस्था करता था। उसके परिवार में कोई नहीं था। वह अकेला था, एक दिन गरीबी से तंग आकर उसने सोचा कि उसे बड़े नगर में जाना चाहिए, वहां ज्यादा काम मिलेगा और ज्यादा धन कमाने के अवसर मिल सकते हैं। वह व्यक्ति गांव के करीब स्थित बड़े नगर पहुंच गया। गांव से निकलने के बाद जब वह नगर में पहुंचा, तब तक उसने कुछ खाया नहीं था। भूख की वजह से उसकी हालत खराब हो रही थी। उसने वहां के लोगों से खाने देने के लिए प्रार्थना की, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। भूख से बेहाल होकर पर रास्ते में ही बैठ गया। तभी एक सेठ की नजर उस लड़के पर पड़ी तो उसने उसे बुलाया। भूखे व्यक्ति पर उसे दया आई और खाना दिया। गरीब व्यक्ति ने सेठ से कहा कि आप कृपया मुझे कोई काम दे दें, मैं कड़ी मेहनत करूंगा, आपको शिकायत का कोई मौका मिलेगा। सेठ ने उसे अपने यहां काम पर रख लिया। वह लकड़ियों का व्यापार करता था। उसने व्यक्ति से कहा कि जंगल में पेड़ काटने का काम है, तुम चाहो तो ये काम कर सकते हो। गरीब व्यक्ति इस काम के लिए तैयार...