भूत प्रेत की सच्ची कहानी

एक समय की बात है, मैं उस समय दिल्ली के बदरपुर नाम की जगह पर रहता था। उस समय मेरी उम्र 10–15 साल की बीच रही होगी। हमारी गली मे ही एक आंटी रहती थी और हम पूरी गली मे एक दुसरे को बहोत अच्छी तरह से जानते थे। उस समय हमारे मोहल्ले मे बिजली की बोहोत ज्यादा समस्या थी और रात के 8 बजते ही लाइट कट जाती थी और फिर रात को 12–1 बजे के बीच मे आती थी।

खैर शाम तक वह दिन सामान्य सा था, हम सब गली के बच्चे छुपन छुपाई खेल रहे थे और खेल ख़तम होने के बाद हमें पड़ोस की ही एक आंटी ने सबको पार्टी मे बुलाया और उस दिन उनकी शादी की सालगिरह थी।

हम सभी बच्चे तैयार हुए और उन आंटी के यहाँ गए, हमारे पड़ोस मे एक फैमिली रहती थी और उनके यहाँ तीन बेटियां थी, बड़ी लड़की का नाम मंजू था, बीच वाली लड़की का नाम संजू था और सबसे छोटी वाली बहन का नाम रिंकी था.

उस समय पार्टी मे बस मैं मेरे और दोस्त और वो संजू नाम की लड़की भी थी। इस घटना मे आगे बढ़ने से पहले मैं अपने घर के आस पास की जगह का विश्लेषण दे दू ।

हमारी गली के अंतिम भाग मे एक छोटी सी पहाड़ी है और उसके बाद नाला और नाले के उस पार हरयाणा राज्य के गांव शुरू हो जाते थे और वह पहाड़ी बहोत पुराने समय मे कब्रिस्तान हुआ करता था (ऐसा वहा के पुराने लोग कहा करते थे )।

तो हम सब उस समय पार्टी मे थे और लाइट गयी हुई थी और उन आंटी के घर के बाहर बहोत बड़ा आँगन था और पार्टी भी वही हो रही थी, सबसे पहले आंटी ने हमें एक एक बेसन के लड्डू दिए तो हम सबने वह लड्डू खाया पर संजू उस लड्डू को बिना खाये उसे अपने हाथ मे लेकर उस सुनसान पहाड़ी की और ले जा रही थी, वह काफ़ी दूर जा चुकी थी पर उसी समय हमारे ही गली के अंकल ने संजू को पहाड़ी पर जाते देखा और वो अकेले ही अपने आप से बातें करती हुई जा रही थी और उन अंकल को भी वह बहोत असामान्य सी लगी (सारी बातें अंकल ने आकर हमें गली मे बताई ) अंकल ने संजू से पूछा के बेटा कहा जा रहे हो तो उसने अंकल को अपनी लाल आंखे दिखाते हुए कहा के तुझसे कोई मतलब और वह इतना कहकर आगे बड़ गयी।

फिर वह अंकल सीधे उस लड़की के घर जाते है और उसके पापा को सारी बातें बता देते है इधर हम लोग भी यह खबर सुनकर बाहर गली मे आ जाते है।

अंकल संजू के पापा को बताते है के वह पहाड़ी के पास सुनसान जगह की ओर आगे बढ़ गयी होगी तभी उसी समय उसके पापा और कुछ लोग उसे ढूंढ़ने के लिए निकल जाते है ओर कम से कम 2 घंटे की बड़ी मुश्किल छान बिन के बाद उसे ढूंढ़ने मे सफल हो जाते है ओर वह वहा से आने के लिये मना कर देती है पर उसके घर वाले उसे जबरदस्ती उठाकर ले आते है गली मे आते ही संजू उस पार्टी वाले घर मे जाती है ओर उन आंटी से कहती है के ( मेरे लिय एक कप चाय बना दे ) और बार बार आंटी को यही बोलती है के उसके लम्बे बाल उसे बहोत अच्छे लग रहे है।(उस समय संजू के खुद के बाल बिखरे हुए थे, आँखे सुर्ख लाल और दांत पीस पीस कर बातें कर रही थी और बड़ी भयानक हसीं हस रही थी ), उसकी यह हरकते देखकर संजू के घर वाले उसे देखकर समझ जाते है के यह भूत प्रेत का मामला है तो वे लोग भी बिना देर किये संजू को पास के ही मस्जिद मे ले जाते है और हम सब भी यह नजारा अपनी आँखों से देख रहे होते है.

मस्जिद के मौलाना संजू के आगे एक अगरबत्ती जला कर रख देते है और कुछ मंत्र पड़ते है और उससे कहते है के कौन है तू और इस लड़की के ऊपर क्यों आयी है तो संजू इसका जवाब देती है ( बहोत ही डरावना नजारा था ) के (मेरा नाम मिथलेश है और मैं एक लड़के से प्यार करती थी पर मेरे घर वालो ने मुझे काट कर उस पहाड़ी मे गाड़ दिया और यह लड़की मुझे अच्छी लगी तो मैंने इसे पकड़ लिया और मैं इसे अब नहीं छोडूंगी ) फिर मौलाना ने उसे एक थप्पड़ मारा और कुछ मंत्र पड़े तो कुछ देर बाद संजू बेहोश हो गयी और उसके बाद मौलाना ने संजू के पापा को एक ताबीज और तेल की शीशी दी और कहा के इसे ताबीज पहना दो और शाम को तेल हाथ पैर पर लगाने को कहा तो उसके पापा उसे गोद मे उठाकर घर ले आये फिर वो सो गयी।

अगले दिन मैं सुबह उठा और गली मे आया तो देखा के संजू बाहर रस्सा कूद खेल रही थी, मुझे रात की घटना याद आ गयी तो मैं उसके पास गया और उससे पूछा के क्या उसे रात की घटना के बारे मे कुछ याद है क्या तो उसने कहा नहीं और वह मैंने अंदर ही अंदर कहा के वाकई अजीब है।

आपको बताना चाहता हूँ के वह एरिया अब बहोत विकसित हो चूका है पर हमारे गली मे उस समय ऐसी घटनाये बहोत आम बातें हुआ करती थी

Comments

Popular posts from this blog

क्योंकि मैं रिस्क नहीं लेता

विराथु म्यांमार का महानायक कैसे बना

बीवी से को नही डरता है ।